The Social Dilemma

The Social Dilemma" एक डॉक्यूमेंट्री-ड्रामा है, जिसे 2020 में जेफ ओरलोव्स्की ने निर्देशित किया। यह फिल्म सोशल मीडिया के समाज पर पड़ने वाले गहरे प्रभावों की जांच करती है और कंपनियों के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साक्षात्कार के माध्यम से सोशल मीडिया की दुनिया को उजागर करती है।

फिल्म मे यह बताया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, ट्विटर और इस्टाग्राम कैसे लोगो की सोच,व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे है और किस तरह से उपयोगकर्ताओं के डेटा का इस्तेमाल करते हैं मुनाफे के लिए लोगो को बंधी बनाकर उनका प्रयोग किया जा रहा है। 

इस फिल्म ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि हम सोशल मीडिया का किस हद तक इस्तेमाल कर रहे हैं और इसके हमारे मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहे हैं। सोशल मीडिया हमारी मानसिकता को हमारे खिलाफ करता है। इस फिल्म मे यह भी दिखाया गया है कि इन प्लेटफार्मस के द्वारा फैलाए गए फैक न्यूज और गलत जानकारी किस तरह से समाज मे हिंसा को बढ़ावा देती है , सोशल मीडिया एक नशा है जो लोगो के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है जिस कारण कई लोग डिप्रेशन और सुसाइड का शिकार होते है।

The Social Dilemma" एक चेतावनी है जो दर्शकों को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करती है और यह दिखाती है कि इन प्लेटफॉर्म्स की शक्ति कितनी बड़ी है और समाज के लिए कितनी हानिकारक हो सकती है फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कंपनियां हमारे डाटा का इस्तेमाल कर हमें लगातार ऑनलाइन बनाए रखने के लिए नई-नई तरकीबें अपनाती हैं। फिल्म मे बताया गया है कि...

If you're not paying for the product, then you are the product.

'जब ऑनलाइन कुछ फ्री होता है, तो आप कस्टमर नहीं हैं, एक प्रोडक्ट हैं.' कुल मिलाकर एडवर्टाइजर्स फेसबुक के क्लाइंट हैं जो मार्क जकरबर्ग को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद करोड़ों लोगों के डेटा के लिए करोड़ों का भुगतान करे रहे हैं। इंसानी भविष्य का कारोबार बड़ी मात्रा मे चल रहा है, यह कारोबार जनतंत्र के खिलाफ है।

टेक्नोलॉजी इस हद तक आगे बढ गई है कि इससे वह किसी के बर्ताव को भी बदल सकते है वह चाहते है कि हम अपनी हाथो से ऐसा करते रहे, लोगो कि मानसिकता को छीना जा रहा है।

"There are only two industries that call their customers 'users' illegal drugs and software"

Social Dilemma" सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक दोनो प्रभाव प्रस्तुत करती है:

• सकारात्मक प्रभाव 

इस फिल्म के माध्यम से लोग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बारे में जागरूक होते हैं। उन्हें यह समझ में आता है कि उनके डेटा का कैसे उपयोग किया जा रहा है और इससे उनका जीवन कैसे प्रभावित हो रहा है।

यह फिल्म सरकारों और संगठनों को भी प्रेरित करती है कि वे सोशल मीडिया पर नियंत्रण रखने के लिए नए नियम और नीतियां बनाएं।

• नकारात्मक प्रभाव 

 फिल्म देखने के बाद कुछ लोगों में डर और चिंता बढ़ सकती है कि वे लगातार निगरानी में हैं और उनके डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है।

कुछ लोग सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर होने का निर्णय ले सकते हैं

फेसबुक और इंस्टाग्राम मे किए गए पोस्ट पर ज्यादा लाइकस नही आने पर कुछ लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते है।

सोशल डिलेमा लोगों को सोचने पर मजबूर करती है कि वे कैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं और यह उनके जीवन को कैसे प्रभावित कर रहा है। यह फिल्म डिजिटल दुनिया की सच्चाई को उजागर करती है, जिससे लोग अपने ऑनलाइन जीवन के प्रति अधिक सजग हो सकते हैं। यह एक चिंतनशील और सूचनात्मक डाक्यूमेंट्री है जो हमे सोशल मीडिया के सामने आने वाले समाजिक मुद्दो पर विचार करने की प्रेरणा देती है। समाज की सुरक्षा के लिए हमे इस विनाशकारी माडल से बाहर निकलना है।

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